बुधवार, 11 अगस्त 2021

नीरज चोपड़ा ने गर्लफ्रेंड और शादी के सवाल पर दिया ये जवाब

नीरज चोपड़ा ने गर्लफ्रेंड और शादी के सवाल पर दिया ये जवाबनीरज चोपड़ा की उम्र 23 साल है और फिलहाल उन्हें सबसे एलिजबल बैचलर बताया जा रहा है. गूगल पर भी लोग उनकी गर्लफ्रेंड का नाम खोज रहे हैं.नीरज से जब एक इंटरव्यू में शादी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'अभी मेरा पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ स्पोर्ट्स की तरफ है. आने वाला साल मेरे लिए बेहद अहम है क्योंकि एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप्स हैं. उसके बाद ओलंपिक तक पहुंचने के लिए कई सारे टूर्नामेंट हैं.' फीमेल फैंस से मिल रही अटेंशन को लेकर नीरज ने कहा, मैं खुश हूं कि मुझे सबसे इतना प्यार मिल रहा है. क्या उन पर शादी को लेकर दबाव है?' इस सवाल के जवाब में नीरज ने कहा, 'नहीं, फिलहाल तो मेरा पूरा फोकस खेल की तरफ है. ये सब चीजें तो चलती रहेंगी. लेकिन अभी मैं सिर्फ अपने खेल पर ही ध्यान देना चाहता हूं.' नीरज से जब पूछा गया कि क्या उनकी कोई गर्लफ्रेंड है तो उन्होंने कहा, फिलहाल कोई नहीं है. लव या अरेंज मैरिज करने के सवाल पर नीरज ने कहा कि घर वाले अपनी मर्जी से शादी करना चाहे तो भी कोई दिक्कत नहीं है और अगर मुझे लव मैरिज करनी होगी तो भी कोई दिक्कत नहीं है. नीरज ने बताया कि अगर उनको कोई लड़की पसंद आई तो वह अपने घर वालों से बात करेंगे और शादी करेंगे. हालांकि, अभी वह अपने खेल पर ही ध्यान लगाना चाहते हैं.नीरज चोपड़ा ने बताया कि बचपन में उनका वजन काफी ज्यादा था और वह बहुत मोटे थे. इसलिए उनके परिवार ने उन्हें फिट होने के लिए एथलेटिक्स की ट्रेनिंग लेने भेज दिया था. नीरज ने बताया कि उन्हें कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह जेवलिन थ्रो के चैंपियन बन जाएंगेनीरज ने बताया कि बचपन में जब वह कुर्ता-पयजामा पहनकर घर से बाहर निकलते थे तो लोग उन्हें सरपंच कहने लग जाते थे. मोटे होने की वजह से नीरज की फिटनेस बहुत ज्यादा खराब थी. बच्चे उनका बहुत मजाक भी बनाते थे.नीरज ने कहा, 'जब मुझे पहली बार स्टेडियम भेजा तब यह खेल मेरे प्लान का हिस्सा नहीं था. ना ही मुझे पता था कि एक दिन मैं देश को मेडल दिलाने के लिए खेलूंगा. मेरे परिवार या गांव से कोई शख्स पहले इस खेल से जुड़ा नहीं रहा है. हालांकि इसके लिए मुझे हर किसी ने सपोर्ट किया था.' Photo Credit: Neeraj chopra 'क्या नीरज चोपड़ा पर है शादी का प्रेशर' 9/10 नीरज ने बताया कि उनके चाचाजी सुरेंद्र कुमार उनका वजन कम करने के लिए स्टेडियम लेकर गए थे, लेकिन धीरे-धीरे उनका रुझान जेवलिन थ्रो की तरफ बढ़ने लगा और उन्होंने इस खेल में हाथ आजमाना शुरू कर दिया. Photo Credit: Neeraj chopra 'क्या नीरज चोपड़ा पर है शादी का प्रेशर' 10/10 टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. इससे पहले भी नीरज कॉमनवेल्थ सहित कई बड़े ईवेंट्स में गोल्ड मेडल जीत चुके नीरज चोपड़ा ने बताया कि बचपन में उनका वजन काफी ज्यादा था और वह बहुत मोटे थे. इसलिए उनके परिवार ने उन्हें फिट होने के लिए एथलेटिक्स की ट्रेनिंग लेने भेज दिया था. नीरज ने बताया कि उन्हें कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह जेवलिन थ्रो के चैंपियन बन जाएंगेनीरज चोपड़ा की उम्र 23 साल है और फिलहाल उन्हें सबसे एलिजबल बैचलर बताया जा रहा है. गूगल पर भी लोग उनकी गर्लफ्रेंड का नाम खोज रहे हैं.नीरज ने बताया कि बचपन में जब वह कुर्ता-पयजामा पहनकर घर से बाहर निकलते थे तो लोग उन्हें सरपंच कहने लग जाते थे. मोटे होने की वजह से नीरज की फिटनेस बहुत ज्यादा खराब थी. बच्चे उनका बहुत मजाक भी बनाते थे. by-sanwlaram

हॉकी नहीं है भारत का राष्ट्रीय खेल… सरकार भी बता चुकी है, तो फिर क्यों गलतफहमी में रहते हैं ज्यादातर

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Subscribe to Notifications 2/5 जैसे हमारा राष्ट्रगान जन-गण-मन है, हमारा राष्ट्रीय झंडा तिरंगा है, राष्‍ट्रीय चिह्न या प्रतीक अशोक स्तंभ है... उसी तरह कई देशों के हैं. कई देशों के अपने राष्ट्रीय खेल भी हैं, जैसे ब्रिटेन का राष्ट्रीय खेल क्रिकेट है, अमेरिका का राष्ट्रीय खेल बेसबॉल है, ब्राजील और फ्रांस का राष्‍ट्रीय खेल फुटबॉल है... वैसे ही हमारा राष्ट्रीय खेल कौन सा है? आपके मन में फिर से हॉकी का नाम तो नहीं आ रहा? अगर ऐसा है तो हम क्लियर कर दें कि हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल नहीं है. जैसे हमारा राष्ट्रगान जन-गण-मन है, हमारा राष्ट्रीय झंडा तिरंगा है, राष्‍ट्रीय चिह्न या प्रतीक अशोक स्तंभ है... उसी तरह कई देशों के हैं. कई देशों के अपने राष्ट्रीय खेल भी हैं, जैसे ब्रिटेन का राष्ट्रीय खेल क्रिकेट है, अमेरिका का राष्ट्रीय खेल बेसबॉल है, ब्राजील और फ्रांस का राष्‍ट्रीय खेल फुटबॉल है... वैसे ही हमारा राष्ट्रीय खेल कौन सा है? आपके मन में फिर से हॉकी का नाम तो नहीं आ रहा? अगर ऐसा है तो हम क्लियर कर दें कि हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल नहीं है. 3/5 दरअसल, भारत के राष्ट्रीय खेल को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन सरकार भी बता चुकी है कि भारत का कोई राष्ट्रीय खेल है ही नहीं. इसी साल मार्च में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक लॉ स्टूडेंट ने RTI के माध्यम से खेल मंत्रालय से जवाब मांगा था कि 'भारत सरकार ने किस खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता दी है? इस सवाल के जवाब में खेल मंत्रालय ने बताया कि भारत ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता नहीं दी है. जवाब में यह भी लिखा कि सभी खेलों को प्रोत्साहित करना देश का उद्देश्य है. दरअसल, भारत के राष्ट्रीय खेल को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन सरकार भी बता चुकी है कि भारत का कोई राष्ट्रीय खेल है ही नहीं. इसी साल मार्च में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक लॉ स्टूडेंट ने RTI के माध्यम से खेल मंत्रालय से जवाब मांगा था कि 'भारत सरकार ने किस खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता दी है? इस सवाल के जवाब में खेल मंत्रालय ने बताया कि भारत ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता नहीं दी है. जवाब में यह भी लिखा कि सभी खेलों को प्रोत्साहित करना देश का उद्देश्य है. 4/5 गोरखपुर निवासी लॉ स्टूडेंट शिवम कुमार गुप्ता के RTI का जवाब देते हुए खेल मंत्रालय ने एक लेटर जारी कर बताया कि भारत सरकार ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में घोषित नहीं किया है. क्योंकि सरकार का उद्देश्य सभी लोकप्रिय खेलों को प्रोत्साहित करना है. काफी साल पहले ऐश्वर्य पराशर ने भी आरटीआई के माध्यम से यही सवाल पूछा था, तब जवाब मिला था कि हॉकी सामान्य खेलों में एक राष्ट्रीय खेल के रूप में जाना जाता है. हॉकी को प्राथमिकता दी गई है लेकिन यह राष्ट्रीय खेल नहीं है. गोरखपुर निवासी लॉ स्टूडेंट शिवम कुमार गुप्ता के RTI का जवाब देते हुए खेल मंत्रालय ने एक लेटर जारी कर बताया कि भारत सरकार ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल के रूप में घोषित नहीं किया है. क्योंकि सरकार का उद्देश्य सभी लोकप्रिय खेलों को प्रोत्साहित करना है. काफी साल पहले ऐश्वर्य पराशर ने भी आरटीआई के माध्यम से यही सवाल पूछा था, तब जवाब मिला था कि हॉकी सामान्य खेलों में एक राष्ट्रीय खेल के रूप में जाना जाता है. हॉकी को प्राथमिकता दी गई है लेकिन यह राष्ट्रीय खेल नहीं है. 5/5 बता दें कि हॉकी भारत में एक लोकप्रिय खेलों में शामिल है. भारत ने वर्ष 1928 से 1956 तक ओलंपिक में लगातार 6 बार स्वर्ण पदक जीते हैं. हॉकी के जादूगर के रूप में मेजर ध्यान चंद का सिक्का तो पूरी दुनिया में चला है. इस बार तो सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाकर खेल रत्न पुरस्कार में मेजर ध्यानचंद का नाम जोड़ दिया है. बहरहाल भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार के ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन किया और देश इस समय सेलिब्रेट कर रहा है. बता दें कि हॉकी भारत में एक लोकप्रिय खेलों में शामिल है. भारत ने वर्ष 1928 से 1956 तक ओलंपिक में लगातार 6 बार स्वर्ण पदक जीते हैं. हॉकी के जादूगर के रूप में मेजर ध्यान चंद का सिक्का तो पूरी दुनिया में चला है. इस बार तो सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाकर खेल रत्न पुरस्कार में मेजर ध्यानचंद का नाम जोड़ दिया है. बहरहाल भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार के ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन किया और देश इस समय सेलिब्रेट कर रहा है

शनिवार, 7 अगस्त 2021

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Mars की मिट्टी इकट्ठा करने में नाकाम रहा NASA का रोवर, लेकिन हाथ आई एक बड़ी सफलता

मंगल (Mars) ग्रह पर करोड़ों साल पहले जीवन होने के संकेत खोजने के नासा के महत्‍वाकांक्षी मिशन के रोवर को इस प्रक्रिया के शुरुआती प्रयास में असफलता हाथ लगी है. रोवर मंगल की सतह पर ड्रिल करने में तो कामयाब रहा लेकिन मिट्टी इकट्ठी नहीं कर सका.वॉशिंगटन: मंगल (Mars) ग्रह पर जीवन के संकेत खोजने के अहम मिशन में जुटे नासा के पर्सिवरेंस (Perseverance) के प्रारंभिक प्रयासों में विफलता हाथ लगी है. दरअसल, नासा पर्सिवरेंस के जरिए मंगल की सतह ( Mars Surface) पर ड्रिल करके मिट्टी (Rock) लानी की कोशिशें कर रहा था, ताकि इससे भविष्‍य के मिशनों के विश्‍लेषण के लिए मदद मिल सके, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने शुक्रवार को रोवर के बगल में एक छोटे से टीले के केंद्र में एक छेद वाली फोटो जारी की हैं. यह छेद रोबोट ने किया है और ऐसा पहली बार है कि कोई रोबोट मंगल की सतह पर छेद करने में सफल रहा है. हालांकि रोवर द्वारा सैंपल लेने और इसे एक ट्यूब में सील करने के पहले प्रयास के बाद पृथ्वी पर भेजे गए डेटा से संकेत मिलता है कि इसमें मिट्टी इकट्ठा नहीं हो पाई है. इसे लेकर नासा (NASA) के साइंस मिशन डायरेक्‍टोरेट के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर थॉमस जुर्बुचेन ने एक बयान में कहा है, 'हालांकि यह 'होल-इन-वन' नहीं है, जिसकी हमें उम्मीद थी, नया काम करने में हमेशा जोखिम होता है. लेकिन मुझे भरोसा है कि हमारे पास यह काम करने वाली सही टीम है और हम भविष्य की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करेंगे.'पूरी प्रक्रिया में लगेंगे 11 दिन ड्रिल करके होल करना सैंपल प्रोसेस का पहला चरण है, उम्‍मीद है कि इस पूरी प्रक्रिया में 11 दिन लगेंगे. इसके जरिए प्राचीन झील के अंदर जीवन के संकेत खोजने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यह पता लग सके कि मंगल ग्रह पर करोड़ों साल पहले जीवन था. इसके अलावा इस खोज से वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह के भूविज्ञान को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी. बता दें कि इस मिशन ने एक साल पहले फ्लोरिडा से उड़ान भरी थी और एक बड़ी फैमिली कार जितने आकार वाला पर्सिवरेंस 18 फरवरी को जेजेरो क्रेटर में उतरा था. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस गड्ढे में साढ़े अरब साल पहले एक गहरी झील थी, जिसकी स्थितियां जीवन के लिए अनुकूल हो सकती हैं.

नीरज चोपड़ा ने गर्लफ्रेंड और शादी के सवाल पर दिया ये जवाब

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